शिप्रा नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ने दूसरे चरण के कार्यों को हरी झंडी दे दी है। ₹250 करोड़ की लागत से कान्ह नदी के गंदे पानी को पूरी तरह डाइवर्ट करने के लिए नई भूमिगत पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, त्रिवेणी संगम पर नया फिल्टर प्लांट भी लगाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने उज्जैन प्रवास के दौरान स्पष्ट किया था कि शिप्रा की निर्मलता के साथ कोई समझौता नहीं होगा। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद रामघाट और दत्त अखाड़ा घाट पर भक्तों को साल भर साफ और बहता जल उपलब्ध होगा। स्थानीय निवासियों और संतों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है।
